शौक है

गुत्थे सुलझाने का,
धुँध में गुम हो जाने का,
शौक है ।

किस्से सुनाने का,
गीत गुन-गुनाने का,
शौक है ।

गिर के उठ जाने का,
बस चलते जाने का,
शौक है ।

खुशियों में डूब जाने का,
मीठे आंसू बहाने का,
शौक है ।

माटी पर नंगे पैर चलते जाने का,
बाँए से दाँय मुड जाने का,
शौक है ।

लम्बी साँसों में खो जाने का,
उड़ते-उड़ते सो जाने का,
शौक है ।

बेदखल लिखते जाने का,
लफ़्ज़ों में खो जाने का,
शौक है ।

और शौकीनों संग मुस्कुराने का,
कहीं दूर पहुँच जाने का,
शौक है ।

अँधेरे में दिख जाने का,
उजाले में छिप जाने का,
शौक है ।

सूरज को छू जाने का,
बेवजह थक जाने का,
शौक है ।

और शौक़ीन हो जाने का,
मुस्कुराते जाने का,
बस, ज़िन्दगी जीते जाने का,

शौक है
शौक है
शौक है...



Comments

Anonymous said…
waah waah.. director saahab... yuhee likhte jaaaiye..:)

Popular posts from this blog

HAPPILY EVER AFTER...

The TEA garden visit!

Life, post wedding!